Thursday, July 27, 2017

ताक़त-कमज़ोरी 2

ज़िन्दगी के दिल में अक्सर बड़ी हलचल मच जाती है;
ताक़त कमज़ोरी और कमज़ोरी ही ताक़त बन जाती है... 

No comments:

Post a Comment